*बड़ी खबर 👉👉👉👉👉👉👉👉👉👉👉 श्री बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तिथि बढ़ाया जाना भी विवादित,👉 शंकराचार्य ने बताया अशुभ,, यह भी कहा कि विहिप जैसी संस्थाएं हिंदू परंपराओं को नष्ट कर रही हैं*

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श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बदलने को ज्योतिष पीठ शंकराचार्य श्री स्वरूपानन्द सरस्वती ने बताया अशुभ

शंकराचार्य ने कहा कि जो हमारी परंपरा चली आ रही है उसमें सरकार को दखल नहीं देना चाहिए

श्री यमुनोत्री, श्री गंगोत्री, श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ धाम हमारी हिंदू सनातन धर्म के आस्था के केंद्र हैं । यहां जो परंपराएं चल रही हैं उनसे छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि परंपरा का लोप हुआ तो कहां तक होता जाएगा यह कहना असंभव है। उन्होंने कहा है कि कुछ संस्थाएं जिनमें विश्व हिंदू परिषद भी है, हिंदू परंपराओं को नष्ट करना चाहती हैं। ऐसे ही संस्थाओं का यह भी मत आ रहा है कि बद्रीनाथ की मूर्ति छह माह हरिद्वार में रखी जाए

शंकराचार्य जी ने कहा की बद्रीनाथ सिर्फ मूर्ति नहीं है बल्कि वह धाम अपने आप में भगवान है।

शंकराचार्य जी ने कहा बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के सामने तय होती है और तब से वहां भगवान नहीं विराजते,,, ऐसे में तिथि बदलना घोर विनाशकारी होगा।उन्होंने कहा कि यों भी सरकार ने रावल को बुलाने में देर की है।

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