*ताजा अपडेट 👉👉👉👉👉👉👉👉👉👉 उत्तराखंड में बढ़ रहे ब्लैक फंगस मरीज,,,, एम्स ऋषिकेश से ताजा अपडेट,,,,👉 ब्लैक फंगस संबंधी महत्वपूर्ण विशेषज्ञ जानकारी*

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एम्स ऋषिकेश से म्यूकोर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) अपडेट 29 मई 👉

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में आज ( शनिवार) शाम 5 बजे तक म्यूकोर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के कुल 125 केस आ चुके हैं। आज किसी भी मरीज की मृत्यु की खबर नहीं है।

अस्पताल से अभी तक 6 मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। अब एम्स अस्पताल में म्यूकोर माइकोसिस के शेष 110 मरीज भर्ती हैं।

ब्लैक फंगस के बारे में जानकारी एम्स ऋषिकेश से👉
40 से 60 साल उम्र के कोविड मरीजों को म्यूकर माइकोसिस महामारी के प्रति ज्यादा सावधान रहने की जरुरत है। डायबिटीज से ग्रसित इस उम्र के कोविड पेशेंटों में फंगस फैलने का सबसे अधिक खतरा होता है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश ने इस बाबत कोविड मरीजों को दैनिक तौर पर अपने शुगर लेवल की नियमित जांच करते रहने की सलाह दी है।

घातक एंजियोइनवेसिव फंगल संक्रमण म्यूकर माइकोसिस से ग्रसित रोगियों की संख्या में दिन-प्रतिदिन बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में म्यूकर माइकोसिस का पहला मरीज बीती 30 अप्रैल को आया था। आंकड़ों पर गौर करें तो मात्र एक महीने में ही इस बीमारी से ग्रसित रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। संस्थान में अब तक इस घातक बीमारी से ग्रसित 118 मरीज आ चुके हैं। जिनमें कुल 66 पुरुष व 42 महिलाएं शामिल हैं। खासबात यह है कि म्यूकर माइकोसिस से ग्रसित इन सभी रोगियों को डायबिटीज की समस्या है। इनमें एक भी मरीज ऐसा नहीं जिसे डायबिटीज की शिकायत नहीं हो।
एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि 40 से 60 साल की उम्र वाले अधिकांश लोगों में या तो डायबिटीज की समस्या हो जाती है, या डायबिटीज होने की प्रबल संभावना बनी रहती है। ऐसे में कोविड होने पर यदि इस उम्र के लोगों ने स्टेराॅयड का सेवन अधिक मात्रा में किया हो, तो ऐसे मरीजों में म्यूकर माइकोसिस का फंगस तेजी से पनपता है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने कहा कि इस उम्र के कोविड ग्रसित मरीजों के लिए अपने शुगर लेवल पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है।
संस्थान में म्यूकर माइकोसिस ट्रीटमेंट टीम हेड और ईएनटी सर्जन डा. अमित त्यागी ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को कोविड ग्रसित होने पर चिकित्सकीय सलाह के बिना स्टेराॅयड का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। फंगस संक्रमण की दृष्टि से ऐसा करना बेहद घातक साबित हो सकता है। इसके अलावा स्वस्थ होने के अगले 6 हफ्ते बाद तक भी कोविड मरीज को अपने शुगर लेवल की दैनिकतौर से जांच करानी चाहिए। जिससे शुगर लेवल बढ़ने पर उसे समय रहते नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने इस घातक बीमारी के बचने के लिए निम्न बातों को अपनाने की सलाह दी।
बचाव व सावधानियां👇

1- बिना चिकित्सकीय सलाह के स्टेराॅयड का सेवन नहीं करें।

2- कोविड ग्रसित मरीज धूल वाले स्थानों पर नहीं जाएं।

3- अपने आस-पास सड़े-गले पदाथों को नष्ट कर दें।

4- बागवानी का कार्य बिल्कुल नहीं करें।

5- बिना मास्क के घर से बाहर नहीं जाएं।

6- शुगर लेवल की नियमितरूप से जांच कराएं।
स्टेराॅयड लिए बिना भी फंगस का खतरा
एम्स में भर्ती म्यूकर माइकोसिस ग्रसित मरीजों में 30 से अधिक ऐसे मरीज भी हैं, जिन्होंने कोविडग्रस्त होने के दौरान स्टेराॅयड का सेवन नहीं किया।

इसके बावजूद वह म्यूकर फंगस से संक्रमित हैं। इस बाबत चिकित्सकीय टीम के प्रमुख डाॅ. त्यागी ने कोरोना वायरस के संक्रमण से रक्त में होने वाले दुष्प्रभाव को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस मरीज के रक्त में मौजूद हीमोग्लोबिन को विखंडित कर आयरन तत्व की मात्रा बढ़ा देता है। ऐसे में इम्यूनिटी कमजोर होने और मरीज के रक्त में आयरन की मात्रा बढ़ जाने से म्यूकर माइकोसिस के फंगस को तेजी से पनपने की अनुकूल स्थिति मिल जाती है।

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