उत्तराखंड लोक धार्मिक पर्यटन के प्रबंधन व विकास का खाका प्रस्तावित किया गया है, इसमें श्राइन बोर्ड गठन जैसी कोई बात नहीं है

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रिंग रोड एकता एंक्लेव लेन नंबर 6 स्थित चार धाम विकास परिषद के कार्यालय में चार धाम विकास परिषद द्वारा तैयार व प्रस्तावित किए गए “उत्तराखंड लोक धार्मिक संस्थाएं – प्रबंधन एवं विकास ” ड्राफ्ट पर चर्चा -परिचर्चा की गई । चार धाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने बताया कि परिषद द्वारा जो ड्राफ्ट तैयार किया गया है उसमें स्थानीय लोगों, पंडे – पुजारियों के हक हकूक को अक्षुण्ण रखते हुए सुप्रबंधन व विकास की रूपरेखा प्रस्तावित की गई है। उन्होंने ऐसी अफवाहों का खंडन किया कि यात्रा व्यवस्थाओं के लिए श्राइन बोर्ड बनाया जा रहा है।

आचार्य मंमगाई ने कहा कि ऐतिहासिक धार्मिक आस्था के प्रतीक यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ , बद्रीनाथ धाम तथा राज्य के विभिन्न अंचलों में स्थापित देवालयों एवं मंदिरों के संरक्षण – संवर्धन व सर्वांगीण विकास हेतु विस्तृत रूपरेखा प्रस्ताव बनाया गया है जिससे राज्य में धार्मिक पर्यटन सुव्यवस्थित व सुविधाजनक होगा तथा श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि श्री श्री रविशंकर के सहयोग से चारों धामों में वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी लगाए जा रहे हैं जिससे सभी धाम कूड़ा वह पॉलीथीन कचरा मुक्त होंगे साथ ही बड़ी संख्या में इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

इस अवसर पर श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री मोहन प्रसाद थपलियाल ने कहा कि चारधाम विकास परिषद के माध्यम से धार्मिक स्थलों के प्रबंधन एवं विकास हेतु बहुत सराहनीय पहल की जा रही है । उन्होंने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी ने एक बड़ी सोच के साथ चार धाम विकास परिषद का गठन किया था तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री जगमोहन जी भी हमारे प्रदेश की धार्मिक यात्रा को सुप्रबंधित करने के लिए बेहद सजग और सक्रिय थे। परंतु विडंबनावस आज तक चार धाम विकास परिषद को प्रभावकारी बनाने की ठोस पहल नहीं हो पाई । अब वर्तमान में आचार्य मंमगाई जी द्वारा विकास परिषद को सुदृढ़ व प्रभावकारी बनाने की दिशा में महती पहल की जा रही है।

कार्यक्रम में बोलते हुए श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी श्री बीडी सिंह ने बताया कि अकेले बद्रीनाथ यात्रा क्षेत्र में 28 प्रकार के रोजगार हैं जिनसे 17 लाख लोगों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका प्राप्त होती है। हमारे यहां 10 लाख यात्री आते हैं यदि प्रत्येक यात्री ₹2000 भी खर्च करें तो कुल 200 करोड़ का टर्नओवर हुआ। उन्होंने कहा कि यदि हम यहां यात्रियों को उत्तम मूलभूत सुविधाएं जैसे ठहरने खाने की व्यवस्था तथा यातायात की सुविधाएं दे पाए तो अवश्य ही यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

श्री बीड़ी सिंह ने कहा कि वर्तमान में चार धाम विकास परिषद के माध्यम से धार्मिक यात्रा सुप्रबंधन व विकास की बहुत अच्छी पहल की जा रही है । परिषद के जिस स्वरुप की रूपरेखा प्रस्तावित की गई है वह समस्त धामों व मंदिरों के प्रबंधन तथा उनसे जुड़े लोगों के हक हकूक को अक्षुण्ण रखती है। इससे हमारी परंपराओं से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा रही है उन्होंने कहा कि हमारी धार्मिक परंपराओं से न तो मुग़ल छेड़छाड़ कर पाए और ना अंग्रेज तो ऐसे में कोई यह कैसे सोच बैठा कि हम इन परंपराओं व हक हकूक को नुकसान पहुंचाएंगे।

बैठक से पूर्व उपाध्यक्ष चारधाम विकास परिषद पंडित शिव प्रसाद ममगाईं द्वारा श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री मोहन प्रसाद थपलियाल एवं विशेष कार्याधिकारी बीडी सिंह का चार धाम विकास परिषद के कार्यालय में आगमन पर पुष्पगुच्छ व शॉल भेंट कर स्वागत किया गया।

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