नूतन को तीलू रौतेली पुरस्कार मिलने से रुद्रप्रयाग में खुशी की लहर

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रुद्रप्रयाग जिले के गुनाऊ गांव की नूतन वशिष्ट को तीलू रौतेली पुरस्कार मिलने पर जिले के लोगों ने खुशी जताई। लोगों ने कहा कि पहाड़ की बेटियां जिस तरह अनेक क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं वह सबके लिए गौरव की बात है। वर्ष 2016 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट फतह करने वाली कुमारी नूतन वशिष्ट को महिलाओं का सर्वोच्च तीलू रौतेली सम्मान दिया गया है। देहरादून में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य तथा बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने उन्हें स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। नूतन उत्तराखंड के गढ़वाल की पहली एनसीसी कैडेट है, जिसने सबसे कम उम्र में इस सफलता अर्जित की थी। इस सफलता के लिए उनका नाम लिम्का बुक ऑफ वल्ड रिकार्ड में भी दर्ज है। अगस्त्यमुनि ब्लॉक के गुनाऊ गांव में जन्मी नूतन के पिताजी गिरीश वशिष्ट सेना में कार्यरत हैं। नूतन की प्राथमिकी शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल में हुई है। कुछ वर्षों बाद नूतन ने राजस्थान के बीकानेर के डूंगर कांलेज में उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसी दौरान नूतन को रॉक क्लाइमिंग का शौक चढ़ा। उन्होंने निम से भी समय समय पर क्लाइमिंग का प्रशिक्षण लिया। नूतन ने दार्जिलिंग से भी माउंटरिंग का कोर्स पूरा किया। उन्होंने कई चोटियां फतह की है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी नूतन को सम्मानित किया है। जबकि सर जार्ज एवरेस्ट दिवस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा भी सम्मानित हुई है। नूतन अपनी मामी उपासना सेमवाल को अपना आदर्श मानती है, जिन्हें वर्ष 2016 का तीलू रौतेली पुरस्कार मिला है। उन्हें पुरस्कार मिलने पर रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ विधायक मनोज रावत, बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष बाचस्पति सेमवाल, पूर्व विधायक शैला रानी, पूर्व राज्य मंत्री दिनेश बगवाड़ी आदि ने खुशी व्यक्त की।

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