ट्रैकर एक्सीडेंट में साथ में बैठी बहन को खो चुके घायल पुरोहित को एम्स में इलाज नहीं। मार्मिक कहानी पढ़ो और जागो

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26 मई को श्रीनगर ऋषिकेश मार्ग पर हुए बस ट्रैकर भिड़ंत में घायल भुवनेश पुरोहित साथ में बैठी बहन सोनी नौटियाल को खो चुके हैं

देहरादून आ रहे भुवनेश पुरोहित के साथ ट्रेकर में बहन सोनी नौटियाल (26 वर्षीय) तथा उसके दो बच्चे भी सवार थे। बागबान के समीप रहकर की बस से भिड़ंत हो गई जिसमें सोनी नौटियाल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सोनी के 8 वर्षीय बेटे तथा 38 वर्षीय भुवनेश पुरोहित को लेकर परिजन शाम 8:00 बजे एम्स हॉस्पिटल ऋषिकेश पहुंचे यहां बच्चे का इलाज तो प्रारंभ हो गया (उसकी छाती और यूरिनल सिस्टम में चोट आई हैं) परंतु भुवनेश के चेहरे का खून तक साफ नहीं किया गया। सीटी स्कैन के उपरांत डॉक्टरों ने भुवनेश की हालत नाजुक बताई तथा एम्स में आईसीयू की व्यवस्था नहीं होने की बात कहकर इलाज से हाथ खड़े कर दिए। 5 घंटे पश्चात परिजन मरीज को लेकर जौलीग्रांट हिमालयन हॉस्पिटल में आए जहां उसका इलाज चल रहा है।
एम्स की संवेदनहीनता इतनी भर नहीं है बल्कि इस दुखद स्थिति में भी हॉस्पिटल में इलाज के नाम पर ₹10000 वसूले हैं। जॉली ग्रांट हॉस्पिटल में भी अभी तक एक रात में इलाज के लिए ₹26000 जमा करा दिए गए हैं।
योगासना सवाल खड़े करती है इतनी बड़ी दुर्घटनाओं के वक्त भी हॉस्पिटल संवेदनहीन है साथ ही पैसा वसूलने की मशीन हैं। हिमालयन हॉस्पिटल की जनसेवा भी जगजाहिर है। आखिर बेसहारा का सहारा बनेगा कौन। गौरतलब बात यह भी है कि भुवनेश पुरोहित कृषि विभाग में संविदा पर कार्यरत है जिसका वेतन बहुत कम है ।


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