बाबा की नगरी में शिव भक्तों द्वारा एक नये अंदाज में भंडारा

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जय बाबा केदारनाथ—//–वीडियो भी अवश्य देखें ।
सोनप्रयाग में RTO की शटल सेवा से साथ 20 मीटर नीचे केदारनाथ लंगर के नाम से यह भंडारा चल रहा है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग में 6 मई से जालंधर और हैदराबाद के शिवभक्तों ने सयुंक्त रूप से यह लंगर चला रखा है। लंगर सुबह से देर रात्रि तक अनवरत चलता रहता है। रात्रि के दो बजे आने वाले शिवभक्तों को भी लंगर के हलवाई ताजा भोजन उपलब्ध कराते हैं। भंडारे में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और विविधता ही है जो मुझे यह पोस्ट लिखने को प्रेरित कर रहा है। भंडारे में जहाँ सुबह और सांय इडली, बड़ा, पोंगल,कटलेट, पकोड़े जैसी अन्य कई चीजें नाश्ते में चाय के साथ मिलती हैं वहीं दिन और रात के खाने में दो तरह के चावल , दो तरह की दाल, कड़ी, रोटी, सब्जी, डोसा, सांबर,आंध्रा अचार आदि के अलावा जलेबी ,पेड़े जैसी स्वीट्स भी उपलब्ध है। हैदराबाद के शरवैय्या और जालंधर के जेगन अरोड़ा की जुगलबंदी भी शानदार है। लंगर की चिकित्सा सेवा भी 24 घण्टे भक्तों की सेवा में लगी है। पहली बार केदारनाथ यात्रा में सोनप्रयाग में लंगर लगाने वाले दोनों शिवभक्त पहले अमरनाथ में लंगर लगाते रहे हैं। लगभग 40 लोगों की टीम इस लंगर की गतिविधियों का संचालन कर रही है। जिसमे हैदराबाद सिद्धिपेट से केदारनाथ लंगर के प्रेजिडेंट चिकोटी मधुसूदन, सेक्रेटरी रत्नाकर, कोषाध्यक्ष शरवैय्या , वेकटेशम और जालंधर से केदारनाथ लंगर के प्रधान जिनेश अरोरा, प्रेस सेक्रेटरी जितेंदर अरोरा, डॉ पंकज गुप्ता, संजीव शर्मा, परवीन चोपड़ा संभाल रहे हैं। निश्चित ही यह लंगर जहाँ एक और केदारनाथ यात्रियों को बहुत शकुन दे रहा है वहीं यात्रियों के प्रति अपनी सेवाभाव के चलते प्रेरणा का स्रोत भी है।

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